
ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशन
जेम्स वेब से लेकर भविष्य के लुवॉर तक: वह महात्वाकांक्षी तकनीक जो बिग बैंग और सौर मंडल के रहस्यों को सुलझा रही है।
गाइड
नासा पर हमारी पूरी रिपोर्टिंग, 2 मौलिक लेखों से संकलित।
जेम्स वेब टेलीस्कोप इन्फ्रारेड किरणों के माध्यम से बिग बैंग के 300 मिलियन वर्ष बाद की आकाशगंगाओं को देख रहा है।
स्रोत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशनयूक्लिड मिशन ब्रह्मांड के 95% अज्ञात हिस्से, डार्क मैटर और डार्क एनर्जी का 3D मानचित्र तैयार कर रहा है।
स्रोत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशननासा 2030 के दशक के उत्तरार्ध तक मंगल पर मानव मिशन भेजने का लक्ष्य रखता है, जबकि स्पेसएक्स अधिक आक्रामक समयसीमा पर काम कर रहा है।
स्रोत: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती: नासा और स्पेसएक्स के मिशन की ताजा स्थितिस्टारशिप रॉकेट मंगल यात्रा की लागत को काफी हद तक कम करने की कुंजी है, जो पूरी तरह से पुन: प्रयोज्य प्रणाली पर आधारित है।
स्रोत: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती: नासा और स्पेसएक्स के मिशन की ताजा स्थितिइन्फ्रारेड सेंसर को काम करने के लिए अत्यधिक ठंडी स्थिति की आवश्यकता होती है।
डार्क मैटर और डार्क एनर्जी, जिसे यूक्लिड और रोमन डिकोड करेंगे।
पृथ्वी और मंगल के बीच की औसत दूरी, जो यात्रा के समय को निर्धारित करती है।
मंगल के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा, जो इसे इंसानों के लिए जहरीला बनाती है।
“हम केवल सितारों को नहीं देख रहे, हम समय के उस पार जीवन की अपनी बुनियादी जड़ों को खोज रहे हैं।”
JWST का मुख्य उद्देश्य शुरुआती ब्रह्मांड के पहले तारों और आकाशगंगाओं के जन्म का अध्ययन करना तथा दूरस्थ ग्रहों के वायुमंडल की जांच करना है।
स्रोत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशनईएसए का यूक्लिड मिशन और नासा का आगामी नैन्सी ग्रेस रोमन टेलीस्कोप विशेष रूप से डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड के विस्तार के मापन के लिए समर्पित हैं।
स्रोत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशननहीं, लुवॉर (LUVOIR) वर्तमान में एक अवधारणात्मक (Concept) मिशन है जिसे नासा द्वारा 2030 के दशक के अंत या 2040 के शुरुआती वर्षों के लिए प्रस्तावित किया गया है।
स्रोत: ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने वाले 5 क्रांतिकारी अंतरिक्ष मिशनएलोन मस्क के अनुसार, स्पेसएक्स का लक्ष्य 2029-2030 तक मानवरहित स्टारशिप मंगल पर उतारना है, जिसके बाद शीघ्र ही मानव मिशन की योजना है।
स्रोत: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती: नासा और स्पेसएक्स के मिशन की ताजा स्थितिमंगल पर ऑक्सीजन नासा के MOXIE जैसे उपकरणों से बनाई जाएगी, जो मंगल के वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को ऑक्सीजन में बदल देते हैं।
स्रोत: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती: नासा और स्पेसएक्स के मिशन की ताजा स्थितिमंगल पर पानी मुख्य रूप से ध्रुवों और सतह के नीचे बर्फ के रूप में है। इसे शुद्ध करके पीने और कृषि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके निष्कर्षण के लिए भारी उपकरणों की आवश्यकता होगी।
स्रोत: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती: नासा और स्पेसएक्स के मिशन की ताजा स्थितिजेम्स वेब से लेकर भविष्य के लुवॉर तक: वह महात्वाकांक्षी तकनीक जो बिग बैंग और सौर मंडल के रहस्यों को सुलझा रही है।
लाल ग्रह पर जीवन की शुरुआत की वैज्ञानिक तैयारी, चुनौतियां और नासा-स्पेसएक्स के आगामी मिशनों का विस्तृत विश्लेषण।

जेम्स वेब से लेकर भविष्य के लुवॉर तक: वह महात्वाकांक्षी तकनीक जो बिग बैंग और सौर मंडल के रहस्यों को सुलझा रही है।

लाल ग्रह पर जीवन की शुरुआत की वैज्ञानिक तैयारी, चुनौतियां और नासा-स्पेसएक्स के आगामी मिशनों का विस्तृत विश्लेषण।
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